नई दिल्ली, मार्च 2 -- ईरान पर हमलों से पहले अमेरिका और इजरायल ने महीनों तक शीर्ष ईरानी नेताओं की गतिविधियों पर करीबी नजर रखी। उनकी पल-पल की जानकारी को एकत्र किया। इसके बाद ईरान पर कार्रवाई की शुरुआत 60 सेकंड के भीतर तीन अलग-अलग स्थानों पर तीन हमलों से हुई। इन्हीं हमलों में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई समेत कई नेताओं की मौत हो गई। अभियान से परिचित एक इजरायली सैन्य अधिकारी ने यह दावा किया है। सैन्य अधिकारी के अनुसार इस खुफिया जानकारी ने अचानक हमला करने की रणनीति को संभव बनाया। उनके मुताबिक इन हमलों में खामेनेई समेत करीब 40 वरिष्ठ नेताओं की मौत हुई, जिनमें रिवॉल्यूशनरी गार्ड के प्रमुख और रक्षा मंत्री भी शामिल थे। अधिकारी ने बताया कि कई हफ्तों की निगरानी, प्रशिक्षण और रियल-टाइम खुफिया जानकारी से यह संभव हो पाया। उन्होंने बताया ...