बागेश्वर, मई 26 -- देवेंद्र पांडे, बागेश्वर। 1965 के भारत-पाक युद्ध में देश की रक्षा करते हुए वीरगति को प्राप्त हुए बागेश्वर शामा निवासी वीर सिपाही मदन सिंह की वीरांगना देबुली देवी को आखिरकार 60 साल बाद सम्मान और आर्थिक सहायता मिली है। भारतीय सेना और सैनिक कल्याण विभाग के संयुक्त प्रयासों से उनके खाते में 28.45 लाख रुपये की पहली किस्त जमा की गई है। शहीद मदन सिंह ने सात सितंबर 1965 को मातृभूमि की रक्षा करते हुए सर्वोच्च बलिदान दिया था। वर्षों तक उनकी पत्नी देबुली देवी सरकारी प्रक्रियाओं और लंबित फाइलों के बीच संघर्ष करती रहीं, लेकिन अब जाकर उनके त्याग और बलिदान को न्याय मिलने की उम्मीद जगी है। यह भी पढ़ें- 60 साल बाद मिला देबुली देवी को सम्मान बताया गया कि भारत सरकार द्वारा युद्ध में शहीद हुए सैनिकों के लंबित मामलों की समीक्षा के दौरान इस ...