नई दिल्ली, जून 11 -- नई दिल्ली, कार्यालय संवाददाता। दिल्ली उच्च न्यायालय ने 60 वर्षीय बुजुर्ग से दुष्कर्म के मामले में एक युवक को सुनाई गई सजा को बरकरार रखा है। न्यायमूर्ति संजीव नरूला की पीठ ने आदेश में कहा कि अभियोजन की गवाही पुख्ता और सुसंगत पाई गई है। अदालत ने 12 साल जेल की सजा को कम करने से इनकार कर दिया। अदालत ने कहा कि 24 वर्षीय दोषी कमजोर पीड़िता के खिलाफ अपराध के समय नशे की हालत में था। अदालत ने कहा कि निचली अदालत द्वारा सुनाई गई सजा न तो अधिक है और न ही किए गए अपराध के अनुपात में असंगत है। बल्कि यह अपराध की गंभीरता के अनुरूप है। दोषी युवक कथित तौर पर जून 2017 में तड़के नशे की हालत में पीड़िता की झुग्गी में घुसा। इसके बाद उसका मुंह बंद करके उसके साथ दुष्कर्म किया।
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