जयपुर, नवम्बर 30 -- राजस्थान हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को आदेश दिया है कि ऐप-आधारित कैब और बाइक टैक्सी प्लेटफॉर्म पर कम से कम 15% महिला ड्राइवरों को अगले छह महीनों में शामिल किया जाए। अदालत ने यह लक्ष्य अगले 2-3 वर्षों में 25% तक बढ़ाने को भी कहा है। साथ ही महिलाओं को यह विकल्प देने का निर्देश दिया गया है कि वे अपनी सवारी के लिए पहली प्राथमिकता के तौर पर महिला ड्राइवर चुन सकें। ये निर्देश जस्टिस रवि चिरानिया द्वारा जारी 35 बिंदुओं के विस्तृत आदेश का हिस्सा हैं। उन्होंने साइबर अपराध को "अनियंत्रित और तेजी से बढ़ता खतरा" बताते हुए राजस्थान की साइबर पुलिसिंग व्यवस्था में तत्काल संरचनात्मक सुधारों की आवश्यकता पर जोर दिया। यह भी पढ़ें- कारोबार बनकर रह गईं शादियां, दहेज पर भड़का सुप्रीम कोर्ट; HC का आदेश रद्द यह भी पढ़ें- जूनियर अफसर ने दाखिल किय...
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