58 दिन का अनशन और फिर...कौन थे श्रीरामुलु जिनके आगे झुक गई नेहरू सरकार; बदल गया देश का नक्शा
नई दिल्ली, जुलाई 17 -- पर्यावरण और सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक पिछळे 19 दिनों से अनशन पर हैं। उनकी तबीयत काफी बिगड़ गई है। इसके बाद भी वह शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर अड़े हुए हैं। ऐसे समय में लोगों को ऐसे दो लोगों की याद आ रही है जिन्होंने अनशन करते हुए अपने प्राणों का बलिदान कर दिया। एक हैं पोट्टी श्रीरामुलू और दूसरे हैं जीडी अग्रवाल। पोट्टी श्रीरामुलु ने तेलुगुभाषियों के लिए अलग प्रदेश की मांग करते हुए 58 दिन अनशन किया लेकिन सरकार ने एक नहीं सुनी। वहीं जब उनकी जान चली गई तो जनाक्रोश इतना बढ़ा कि तत्कालीन जवाहरलाल नेहरू की सरकार को झुकना पड़ा और अलग राज्य (आंध्र प्रदेश) का ऐलान करना पड़ा।कौन थे श्रीरामुलु पोट्टी श्रीरामुलु पोट्टी एक स्वतंत्रता संग्राम सेनानी थे। पहले उन्होंने अंग्रेजी स सरकार में सैनेट्री इंजीनियरिंग...
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