शाहजहांपुर, जुलाई 28 -- शाहजहांपुर। इस वर्ष 29 जुलाई को मनाई जाने वाली गुरु पूर्णिमा कई दुर्लभ ज्योतिषीय संयोगों के कारण विशेष मानी जा रही है। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार करीब 56 वर्ष बाद गुरु पूर्णिमा पर उत्तराषाढ़ा नक्षत्र, प्रीति योग तथा बुधादित्य, शश और हंस जैसे शुभ राजयोग एक साथ बन रहे हैं। मान्यता है कि इन योगों में गुरु पूजन, दान-पुण्य और मंत्र जाप करने से विशेष फल की प्राप्ति होती है।ज्योतिषाचार्य पं. डॉ. कान्हा कृष्ण शुक्ल ने बताया कि आषाढ़ पूर्णिमा पर महर्षि वेदव्यास के जन्मोत्सव के कारण इसे व्यास पूर्णिमा भी कहा जाता है। इसी दिन गुरु के प्रति श्रद्धा व्यक्त करने, माता-पिता का आशीर्वाद लेने तथा ज्ञान की साधना का विशेष महत्व है। यह भी पढ़ें- गुरु पूर्णिमा पूजा कैसे करें, जानें पूजा का शुभ मुहूर्त और महत्व उन्होंने बताया कि महावीर प...