लखनऊ, मार्च 20 -- लखनऊ। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति, उत्तर प्रदेश ने लेसा में 18 मार्च को "वर्टिकल व्यवस्था" के नाम पर 56 संविदा/आउटसोर्स कर्मियों को कार्य से हटाए जाने पर नाराजगी व्यक्त की। अन्यायपूर्ण एवं कर्मचारी विरोधी कदम बताया। हटाए कर्मियों को अविलंब वापस रखने की मांग की। कहा कि इससे पूर्व भी लगभग 200 संविदा कर्मियों की लेसा में छंटनी की जा चुकी है, जिससे बिजली कर्मियों में व्यापक असंतोष है। संघर्ष समिति के संयोजक शैलेन्द्र दुबे ने कहा कि प्रदेश में आगामी त्योहारों के मद्देनजर जहां एक ओर निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करना आवश्यक है, वहीं दूसरी ओर इस प्रकार की छंटनी से बिजली कर्मियों का मनोबल गिर रहा है। ऐसे में विद्युत व्यवस्था प्रभावित होने पर जिम्मेदारी प्रबंधन की होगी।
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