रांची, जुलाई 14 -- रांची, विशेष संवाददाता। सरकारी मुकदमों में प्रशासनिक ढिलाई और नौकरशाही की कार्यशैली पर झारखंड हाईकोर्ट ने एक बार फिर कड़ा रुख अपनाया है। हाईकोर्ट ने देवघर की एक आंगनबाड़ी सेविका की सेवा बहाली के खिलाफ राज्य सरकार की ओर से 559 दिन की देरी से दायर अपील को खारिज कर दिया। अदालत ने स्पष्ट कहा कि फाइलों का विभागों में घूमना, प्रशासनिक मंजूरियां और नियमित नौकरशाही प्रक्रिया वैधानिक समय-सीमा के उल्लंघन का आधार नहीं बन सकती। चीफ जस्टिस एमएस सोनक एवं जस्टिस राजेश शंकर की खंडपीठ ने राज्य सरकार की विलंब माफी याचिका को भी खारिज कर दिया। अदालत ने कहा कि सरकारी विभागों से यह अपेक्षा की जाती है कि वे समयबद्ध तरीके से कानूनी कार्रवाई करें। यह भी पढ़ें- Ranchi News: 25 साल प्रतिनियुक्ति पर सेवा के बाद नियमितीकरण का हक: हाईकोर्ट केवल विभा...