जौनपुर, अप्रैल 26 -- जौनपुर, संवाददाता। जिलाधिकारी डॉ. दिनेश चंद्र ने बताया कि ऐसे गांव जहां चकबंदी प्रक्रिया दशकों पूर्व प्रारंभ होने के बावजूद लंबित थी, उन्हें सतत पर्यवेक्षण, अधिकारियों एवं कर्मचारियों के प्रेरणादायी प्रयासों तथा निरंतर समीक्षा के फलस्वरूप पूर्ण कर लिया गया। इनमें ग्राम पौहा की चकबंदी 55 वर्ष बाद, बेलछा की 46 वर्ष बाद, सिहौली की 43 वर्ष बाद, ग्राम मैदासपट्टी की 46 वर्ष बाद तथा कैलावर की 31 वर्ष बाद सफलतापूर्वक पूर्ण की गई है। इसके साथ ही विभाग द्वारा नव अधिसूचित ग्रामों की चकबंदी प्रक्रिया को त्वरित रूप से पूर्ण करने के प्रयास भी किए जा रहे हैं, जिसके अंतर्गत ग्राम हरिबल्लभपुर की चकबंदी मात्र डेढ़ वर्ष में पूर्ण की गई है। यह भी पढ़ें- चकबंदी को लेकर ग्रामीणों में आक्रोश, जांच की मांग बताया कि पाली एवं सुरीश देहाती जैसे...
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