मुख्य संवाददाता, जुलाई 12 -- साइबर ठगी की शिकायत पर सबसे पहले उस खाते को ब्लॉक कराया जाता है जिसमें ठगी की रकम जाती है। खाता तो ब्लॉक हो जाता है मगर रकम वापस लेने में पीड़ित के पसीने छूट जाते हैं। रकम वापसी को उतनी ही गारंटी देनी पड़ती है। गृह मंत्रालय ने जटिलताओं को कम करने के लिए दो मॉड्यूल पूरे देश में लागू किए हैं। एमआरएम और जीआरएम। इनसे 50 हजार रुपये की तक की रकम बिना मुकदमे वापस मिल सकेगी। डीसीपी सिटी सैयद अली अब्बास ने बताया कि एमआरएम का मतलब मनी रेस्टोरेशन मॉड्यूल है। अभी तक साइबर ठगी में पीड़ित को पहले एफआईआर लिखानी पड़ती थी। रकम रिलीज कराने के लिए कोर्ट से आदेश कराने पड़ते थे। 50 हजार से कम की साइबर ठगी में पीड़ित को अब किसी भी ऑफिस के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। बशर्ते घटना की शिकायत समय रहते 1930 पर दर्ज करा दी जाए। जिन खातों मे...