सिद्धार्थ, जून 30 -- सिद्धार्थनगर। सुजीत अग्रहरि इटवा कस्बे में सील किए गए जनता सेवा हॉस्पिटल की जांच-पड़ताल में 50 से अधिक चिकित्सकों व पैरामेडिकल स्टॉफ की डिग्रियां मिली हैं। इसमें 43 साल पहले यानी कि 1984 में एमबीबीएस व विशेषज्ञ की पढ़ाई किए चिकित्सकों की डिग्रियां शामिल हैं। स्वास्थ्य विभाग को इनमें कई चिकित्सकों के मृतक होने का संदेह है, तभी धड़ल्ले से डिग्रियों का इस्तेमाल किया जा रहा था। इतना ही नहीं 10 व 50 रुपये का 30 से अधिक स्टांप पेपर भी मिला है। इसकी जांच होने पर ही पूरी सच्चाई निकलकर सामने आ सकेगी।

जन्म मृत्यु का मामला दरअसल, सी-सेक्शन सेवा के बाद नवजात की मौत के मामले से चर्चा में आया इटवा में संचालित जनता सेवा हॉस्पिटल का संचालक मनमर्जी करने से बाज नहीं आ रहा था। नवजात की मौत के बाद तीन सदस्यीय जांच समिति ने हॉस्पिटल प्रब...