नई दिल्ली, मई 25 -- इस्लाम धर्म के सबसे पवित्र और महत्वपूर्ण त्योहारों में से एक ईद-उल-अजहा (बकरीद या कुर्बानी ईद) की तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं, लेकिन इस बार पशु बाजारों में कीमतों ने सबको चौंका दिया है। जहां सामान्य बकरियां 5 लाख रुपये तक और कुर्बानी वाले बैल 12 लाख रुपये तक की कीमत पर पहुंच गए हैं, वहीं खरीदार हैरानी और निराशा के साथ बाजारों का रुख कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि मुद्रास्फीति, चारे की आसमान छूती कीमतें, ईंधन महंगाई और पश्चिम एशिया के भू-राजनीतिक तनाव ने मिलकर पशुधन व्यापार को महंगा बना दिया है।कब है बकरीद? ईद-उल-अजहा इस्लामी कैलेंडर के जुल हिज्जा महीने की 10वीं तारीख को मनाया जाता है। यह त्योहार हजरत इब्राहिम (अलैहिस्सलाम) की अल्लाह के प्रति समर्पण और आज्ञाकारिता की याद दिलाता है, जब उन्होंने अपने पुत्र इस्माइल की ...