रांची, जून 8 -- रांची, संवाददाता। राजधानी रांची में रंगदारी जैसे गंभीर अपराधों के मामलों में प्राथमिकी दर्ज नहीं होने का चिंताजनक मामला सामने आया है। वर्ष 2026 के पहले पांच महीनों के दौरान जिला न्यायालय में दायर परिवाद वादों के आंकड़े बताते हैं कि रंगदारी और उससे संबंधित अपराधों के कम से कम 61 मामलों में पीड़ितों को सीधे अदालत की शरण लेनी पड़ी। अदालती रिकॉर्ड के अनुसार, जनवरी से मई 2026 के बीच जिला अदालत में 50 हजार से अधिक परिवाद वाद दर्ज किए गए। इनमें 61 मामले रंगदारी, धमकी देकर पैसे की मांग, जबरन वसूली और संबंधित धाराओं से जुड़े पाए गए। यह भी पढ़ें- शिकायत लेकर थाने पहुंच रहे पीड़ितों को मिलेगी रसीद इनमें से अधिकांश मामलों में शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि थाने में आवेदन देने के बावजूद पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज नहीं की, जिसके बाद उन्हें न्...