5 बहनों और 18 महीने के मासूम पर फेंका तेजाब; मां-बेटे को उम्रकैद; क्या हुआ था
नैनीताल, अगस्त 14 -- 2014 के चर्चित हल्द्वानी एसिड अटैक मामले में हाई कोर्ट ने दोषी मां और बेटे को राहत देने से साफ इन्कार कर दिया। वारदात को जघन्य बताते हुए अदालत ने दोषियों को उम्रकैद की सजा बरकरार रखी। अदालत ने सख्त टिप्पणी करते हुए कहा कि सजा में रियायत या माफी की गुंजाइश नहीं बनती है। बता दें कि पड़ोसियों से विवाद में मां-बेटे ने दूसरे परिवार की 5 लड़कियों और 18 महीने के मासूम पर तेजाब फेंक दिया था। इस जघन्य कांड में परिवार के 14 लोग प्रभावित हुए थे। हल्द्वानी के इंदिरा नगर में हुए एसिड अटैक मामले में मामले में गुरुवार को न्यायमूर्ति रवींद्र मैठाणी और न्यायमूर्ति सिद्धार्थ शाह की खंडपीठ ने निचली अदालत के फैसले को सही ठहराया। पीठ ने दोषी मां-बेटे व अन्य की आजीवन कारावास की सजा को बरकरार रखा। स्पष्ट किया कि आरोपियों का यह कृत्य जघन्य अ...
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