मुजफ्फरपुर, मार्च 30 -- मुजफ्फरपुर, प्रमुख संवाददाता। गलत बिजली बिल सुधारने के लिए 100 रुपये रिश्वत मांगने के 49 साल पुराने केस का रिकॉर्ड जीर्ण-शीर्ण हो गया। हाजीपुर नगर थाने की पुलिस भी इतने पुराने केस की डायरी उपलब्ध नहीं करा पाई। इसके कारण आरोपित बिजली विभाग के रिटायर्ड कर्मचारी किशुन सिंह को विशेष निगरानी कोर्ट ने बरी कर दिया।सौ रुपये रिश्वत मांगने में पांच बिजली कर्मी आरोपित बनाए गए थे। 49 साल तक चली सुनवाई के दौरान चार आरोपितों की मौत हो गई। मृत्यु के बाद उनके नाम कांड से विलोपित कर दिए गए। शेष बचे किशुन सहनी पर मुकदमा चल रहा था।हाजीपुर निवासी धर्मनाथ राय ने 24 अगस्त 1977 को हाजीपुर नगर थाने में 100 रुपये रिश्वत मांगने की एफआईआर दर्ज कराई थी। आरोप लगाया था कि उन्हें गलत ढंग से 55 हजार 432 रुपये का बिजली बिल भेज दिया गया। जब बिल में...
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