नई दिल्ली, जनवरी 27 -- दिल्ली में कड़ाके की ठंड के बीच यमुना नदी एक बार फिर सफेद 'जहरीली झाग' की चादर में लिपट गई है। कालिंदी कुंज के पास नदी का नजारा किसी ग्लेशियर जैसा दिख रहा है, लेकिन हकीकत यह है कि यह टॉक्सिक फोम है जो तमाम कोशिशों के बावजूद वापस आ गया है।रिकॉर्डतोड़ केमिकल छिड़काव भी बेअसर हैरानी की बात यह है कि दिल्ली जल बोर्ड ने इस बार झाग को हटाने के लिए रिकॉर्ड मात्रा में 'डीफोमर' केमिकल का इस्तेमाल किया था। अक्टूबर से दिसंबर 2025 के बीच 63 दिनों में करीब 48,000 किलोग्राम केमिकल का छिड़काव किया गया। इसके बावजूद, सर्दियों में तापमान गिरते ही झाग और गाढ़ा हो गया है।ठंड में क्यों बढ़ गई ये मुसीबत? एक्सपर्ट्स के अनुसार, ठंड में तापमान कम होने के कारण झाग के बुलबुले स्थिर हो जाते हैं, जिससे वे जल्दी नहीं फूटते। डीफोमिंग केवल लक्षणों ...