46 साल बाद साधु बनकर लौटा 15 साल का खोया बेटा, मां के हाथों भिक्षा लेने की थी जिद
पिथौरागढ़, जून 8 -- कुछ कहानियां वक्त और दूरियों की सीमा से परे होती हैं, और जब वो हकीकत बनती हैं, तो पथराई आंखों से भी आंसुओं का समंदर बह निकलता है। उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले के बेरीनाग के दौलीगाड़ क्षेत्र से ऐसा ही नजारा देखने को मिला। यहां वर्ष 1980 में महज 15 साल की उम्र में लापता हुआ एक बेटा पूरे 46 साल बाद बाबा (संन्यासी) के वेश में अपने घर लौटा। बरसों से बेटे की राह तक रही बूढ़ी मां ने जैसे ही अपने लाडले को देखा, आंखों से खुशी के आंसू छलक पड़े और बेटे के सीने से लिपट गई। इस भावुक मिलन को देख पूरा गांव भी अपने आंसू नहीं रोक पाया। मिली जानकारी के अनुसार, बेरीनाग के दौलीगाड़ गांव निवासी बुद्धि बल्लभ उपाध्याय वर्ष 1980 के दौरान अचानक संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गया था। परिजनों ने उसे ढूंढने की लाख कोशिशें कीं, लेकिन उसका कहीं क...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.