नई दिल्ली, सितम्बर 6 -- 45 साल की उम्र में नौकरी छोड़कर रिटायर होना सुनने में बेहद आकर्षक लगता है, लेकिन असली चुनौती रिटायरमेंट के बाद शुरू होती है। सवाल सिर्फ इतना नहीं है कि आपके पास कितनी रकम जमा है, बल्कि यह भी है कि वह पैसा अगले 40-45 साल तक कैसे चलेगा? भारत में महंगाई, टैक्स, बढ़ते मेडिकल खर्च और शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव को देखते हुए जल्दी रिटायर होने वालों के लिए लोकप्रिय 4% विड्रॉल रूल हमेशा सही साबित हो, यह जरूरी नहीं है। 4% नियम का आधार अमेरिकी बाजार के आंकड़ों पर है। इसे 1994 में विलियम बेंगन के शोध से लोकप्रियता मिली थी और इसमें करीब 30 साल की रिटायरमेंट अवधि के लिए पोर्टफोलियो से शुरुआती साल में 4% रकम निकालने का विचार दिया गया था। लेकिन, अगर कोई व्यक्ति 45 साल की उम्र में रिटायर होता है, तो उसे संभवतः 40-45 साल तक अपने खर्च...