नई दिल्ली, सितम्बर 16 -- Renu Hans Success Story: कहावत है कि सीखने और अपने सपनों को पूरा करने की कोई उम्र नहीं होती। इस बात को जम्मू में रहने वाली 45 साल की महिला रेनू हंस ने सच साबित कर दिखाया है। मूक-बधिर सुनने और बोलने में असमर्थ रेनू ने तमाम विपरीत परिस्थितियों और 22 साल लंबे इंतजार के बाद जम्मू-कश्मीर बोर्ड ऑफ स्कूल एजुकेशन (JKBOSE) की 10वीं कक्षा की परीक्षा 82 प्रतिशत अंकों के साथ पास कर ली है। रेनू का यह सपना सिर्फ उनका अकेला नहीं था, बल्कि इसे हकीकत में बदलने का सबसे बड़ा श्रेय उनके 12वीं कक्षा में पढ़ने वाले बेटे नमन कौल को जाता है, जिसने अपनी पढ़ाई के साथ-साथ अपनी मां का गुरु बनकर उन्हें 10वीं की परीक्षा पास कराई।22 साल पहले छूट गई थी पढ़ाई रेनू हंस का परिवार 1990 के दशक में कश्मीर घाटी (कुलगाम) से पलायन कर जम्मू के रूप नगर में...