बांदा, अप्रैल 16 -- बांदा। जिले में आग की घटनाओं ने 45 दिन में ही 130 परिवारों को तबाही की कगार पर खड़ा कर दिया। आगजनी की घटनाओं में जहां पांच लोगों ने अपनी जान गंवा दी, वहीं 50 से ज्यादा पशुओं की हानि हुई है। आग ने घर-गृहस्थी सहित करीब एक हजार बीघे की फसलों को खाक कर दिया। ज्यादातर घटनाओं में लापरवाही और झूलते बिजली के तार मुख्य वजह बने। आग से झुलसे मरीजों के जिला अस्पताल में दो बर्न वार्ड तो बने हैं, पर यहां अव्यवस्थाएं हावी हैं। ऐसे में गंभीर मरीजों को यहां से कानपुर रेफर कर दिया जाता है। आपके अपने हिन्दुस्तान गुरुवार को जिला अस्पताल के बर्न वार्डों की पड़ताल की तो अव्यवस्थाएं सामने आईं। यह भी पढ़ें- खेत जले और झुलसी काया, 4 बेड की व्यवस्था ने रेफर करवाया इन वार्डों में जो मानक होने चाहिए, वे दरकिनार हैं। मरीजों ने बताया कि यहां मरीजों...