गोरखपुर, अप्रैल 4 -- गोरखपुर, मुख्य संवाददाता बेतियाहाता में जमीन विवाद को लेकर श्याम सुंदर सर्राफ की कानूनी लड़ाई चार दशक से अधिक समय से जारी है। इस लंबी जंग में जहां कई वादी न्याय मिलने से पहले ही दुनिया छोड़ चुके हैं, वहीं अब भी पीड़ित परिवार अदालत के आदेश के अनुपालन का इंतजार कर रहा है।बेतियाहाता निवासी श्याम सुंदर सर्राफ ने अपनी जमीन के लिए करीब 44 साल पहले कानूनी लड़ाई शुरू की थी। इस लंबे संघर्ष के दौरान उनके साथ वादी रहे पुरुषोत्तम दास सर्राफ, विनोद कुमार सर्राफ, परमानंद मोदी, मधुसूदन मोदी और विनोद कुमार मोदी न्याय की प्रतीक्षा करते हुए दिवंगत हो गए। मामले में एक अन्य वादी बालकृष्ण सर्राफ वर्तमान में 97 वर्ष की आयु में हैं। अब दिवंगत वादियों के परिजनों सहित कुल 17 लोग इस मुकदमे में वादी के रूप में शामिल हैं।
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