रुद्रपुर, जून 26 -- रुद्रपुर, संवाददाता। रुद्रपुर स्थित दि नैनीताल बैंक लिमिटेड की शाखा के वरिष्ठ शाखा प्रबंधक ने 42.62 करोड़ रुपये के ऋण मामले में एक फर्म और उसके साझेदारों पर धोखाधड़ी, अमानत में खयानत और आपराधिक षड्यंत्र का आरोप लगाते हुए न्यायालय की शरण ली है। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के आदेश पर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। बैंक के वरिष्ठ शाखा प्रबंधक एवं अधिकृत हस्ताक्षरी अपूर्व पांडेय ने न्यायालय में दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि वर्ष 2017 में मैसर्स नैनी ऑटो टैक और उसके साझेदारों को कार्यशील पूंजी, प्लांट एवं मशीनरी के लिए विभिन्न ऋण खातों के माध्यम से लगभग 42.62 करोड़ रुपये का ऋण स्वीकृत किया गया था। ऋण खाते बाद में एनपीए घोषित हो गए, जिसके बाद बैंक ने सरफेसी अधिनियम के तहत कार्रवाई शुरू की। बैंक ...