नई दिल्ली, सितम्बर 20 -- संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) का सफर किसी रोलरकोस्टर से कम नहीं होता। कभी आप कामयाबी के शिखर को छूने का ख्वाब देखते हैं तो कभी एक छोटी सी चूक आपको वापस शून्य पर लाकर खड़ा कर देती है। लेकिन जो इस शून्य से दोबारा उठने का माद्दा रखते हैं इतिहास उन्हीं के नाम से जाना जाता है। ऐसी ही एक शानदार कहानी है सोनाली झा की जिन्होंने अपनी पिछली नाकामियों को सीढ़ी बनाया और सिविल सेवा परीक्षा में ऑल इंडिया रैंक 89 हासिल कर सबको चौंका दिया। सोनाली ने कैसे पाया ये मुकाम, आइए जानते हैं।पिछली हार से ली गई एक बड़ी सीख हर टॉपर की कहानी पहली ही बार में मिली जीत से शुरू नहीं होती और सोनाली का सफर भी काफी उतार-चढ़ाव भरा रहा है। अपने पिछले प्रयास में उन्हें मेन्स की परीक्षा में लगभग 750 अंक मिले थे, जो कि एक सम्मानजनक स्कोर था। लेकिन तब शायद क...