नई दिल्ली, जुलाई 19 -- सपनों का शहर मुंबई... अक्सर कहा जाता है कि ये शहर कभी सोता नहीं है और यहां जो भी आता है, वो कभी खाली हाथ नहीं लौटता। लेकिन क्या आज के इस महंगाई वाले दौर में ये बात सौ फीसदी सच साबित होती है? खासतौर पर उन नौजवानों के लिए जो अपने करियर की पहली सीढ़ी चढ़ने की तैयारी कर रहे हैं। एक तरफ नौकरी पाने की बेतहाशा जद्दोजहद है, तो दूसरी तरफ आसमान छूती महंगाई का खौफ। आज हम आपको एक ऐसे ही फ्रेशर की कहानी बताने जा रहे हैं, जिसकी नौकरी लगने की खुशी उस वक्त हवा हो गई जब उसे मुंबई की असलियत का सामना करना पड़ा। नौकरी के इस बेहद मुश्किल और बेदर्द दौर में अगर किसी फ्रेशर को 40,000 रुपये महीने की इंटर्नशिप मिल जाए, तो उसकी खुशी का कोई ठिकाना नहीं रहता। इस नौजवान के साथ भी बिल्कुल ऐसा ही हुआ। काफी हाथ-पैर मारने और इंटरव्यूज के लंबे दौर से...