रिषिकेष, सितम्बर 28 -- ऋषिकेश, संवाददाता। परमार्थ निकेतन में योग टीचर ट्रेनिंग कोर्स के नए बैच का शुभारंभ हुआ। जिसमें विभिन्न देशों के 40 से अधिक साधक योग का प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। सोमवार को परमार्थ निकेतन में योग टीचर ट्रेनिंग कोर्स के नए बैच का शुभारंभ परमार्थ पीठाधीश्वर स्वामी चिदानन्द सरस्वती एवं डॉ. साध्वी भगवती सरस्वती ने किया। स्वामी चिदानन्द सरस्वती ने कहा कि भारत केवल योग सीखने की भूमि नहीं है, बल्कि योग को जीने की भूमि है। योग का वास्तविक अर्थ केवल शरीर को मोड़ना या आसनों का अभ्यास करना नहीं है। योग अर्थात् अपने भीतर से जुड़ना, प्रकृति से जुड़ना और समस्त सृष्टि से अपने संबंध को अनुभव करना। योग हमें संदेश देता है कि जीवन केवल 'मैं' तक सीमित नहीं है; जीवन में 'हम' का विस्तार ही भारतीय संस्कृति की सुंदरता है।

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