40 साल, 4 सरकारें. फिर भी जमीन नहीं; जयपुर में भटक रहे पाक से आए हिंदू शरणार्थी
नई दिल्ली, अप्रैल 17 -- 1981 में जब पाकिस्तान में बढ़ते अत्याचारों से तंग आकर सैकड़ों हिंदू परिवारों ने अपना वतन छोड़ा था, तब उन्हें उम्मीद थी कि भारत में उन्हें सिर्फ शरण ही नहीं, बल्कि सम्मान और स्थायित्व भी मिलेगा। लेकिन चार दशक बीत जाने के बाद भी इन परिवारों का सबसे बड़ा सपना अपनी जमीन आज भी अधूरा है। ये परिवार पहले राजस्थान के श्रीगंगानगर में बसे, फिर दिल्ली होते हुए अंततः जयपुर में आकर ठहर गए। समय के साथ हालात बदले, सरकारें बदलीं, नीतियां बनीं, लेकिन इन परिवारों की जिंदगी में स्थायित्व अब तक नहीं आ पाया। साल 2001 में भारत सरकार ने इन्हें भारतीय नागरिकता दी। नागरिकता मिलने के बाद नियमों के तहत इन विस्थापितों को जमीन आवंटित किया जाना था, क्योंकि वे पाकिस्तान में अपनी पूरी संपत्ति छोड़कर आए थे। विशेष रूप से इंदिरा गांधी नहर परियोजना क्...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.