40 वर्ष से खतौनी में दर्ज था खेत, नाप हुई तो निकला तालाब
लखनऊ, अगस्त 25 -- जिस जमीन को किसान चार दशक से अपनी बताकर उस पर खेती कर रहा था, सरकारी पैमाइश में वही जमीन तालाब की निकली। खतौनी में नाम दर्ज होने के बावजूद मौके पर तालाब की जमीन पर कब्जे की पुष्टि हुई। आगरा-पूर्वांचल लिंक एक्सप्रेसवे के लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया के दौरान हुए परीक्षण में यह चौंकाने वाला मामला सामने आया। प्रशासन ने जमीन को सरकारी अभिलेखों में तालाब के रूप में दर्ज करने की कार्रवाई शुरू कर दी है। मामला मोहनलालगंज तहसील क्षेत्र का है। लिंक एक्सप्रेसवे के लिए जमीन अधिग्रहण के बाद किसानों को मुआवजा देने की प्रक्रिया चल रही है। इसी दौरान प्रशासन ने अधिग्रहीत की जाने वाली जमीनों की दोबारा पैमाइश और अभिलेखों से मिलान शुरू कराया। इसमें सरकारी जमीनों को अलग करने के साथ मौके की स्थिति भी जांची जा रही है। इसी परीक्षण में एक जमीन...
Click here to read full article from source
To read the full article or to get the complete feed from this publication, please
Contact Us.