नई दिल्ली, जुलाई 25 -- ज्यादातर भारतीय युवाओं का सपना होता है कि वे पढ़ाई पूरी कर विदेश में अच्छी नौकरी करें। आमतौर पर इसकी सबसे बड़ी वजह ज्यादा सैलरी मानी जाती है। लेकिन अमेजन में काम करने वाली भारतीय मशीन लर्निंग इंजीनियर हारिका सत्ती का मानना है कि करियर का फैसला सिर्फ पैसों के आधार पर नहीं होना चाहिए। उनका कहना है कि भारत में 40 लाख रुपये सालाना की नौकरी आरामदायक जिंदगी दे सकती है, लेकिन उन्होंने अमेरिका में करीब 2 लाख डॉलर यानी करीब 1.9 करोड़ रुपये सालाना के पैकेज वाली नौकरी इसलिए चुनी क्योंकि वहां सीखने, नई तकनीकों पर काम करने और करियर में आगे बढ़ने के बेहतर अवसर हैं।सिर्फ सैलरी नहीं, करियर ग्रोथ को दी प्राथमिकता कंटेंट क्रिएटर उमंग चौधरी के साथ बातचीत में हारिका से पूछा गया कि अगर उन्हें अमेरिका में 2 लाख डॉलर (करीब 1.9 करोड़ रुपये...