फरीदाबाद, जनवरी 12 -- फरीदाबाद, वरिष्ठ संवाददाता। पशु विज्ञान केंद्र पलवल द्वारा गांव छांयसा में पांच दिवसीय डेयरी फार्मिंग प्रशिक्षण का आयोजन किया गया। इसमें अनुसूचित जाति की महिलाओं को प्रशिक्षित किया गया। प्रशिक्षण की संयोजक डॉ. रेखा दहिया ने बताया कि इस प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को दूध उत्पादन के लिए गाय और भैंसों कि प्रमुख नस्लों की जानकारी होना बहुत ही महत्वपूर्ण है। पशुओं के चीचड़, मक्खी तथा कृमि से रोकथाम के उपाय, संतुलित पशु आहार, स्वच्छ दूध उत्पादन, पशुओं के गर्मी में आने के लक्षण, कृत्रिम गर्भाधान की अधिकतम सफलता हेतु मुख्य सुझाव, गाभिन पशु की देखभाल, गर्मी, सर्दी और बरसात के मौसम में देखभाल, थनैला रोग, प्रजनन संबंधी समस्याएं तथा उनका निदान, पशुओं में मुंह-खुर पका, गलघोंटू रोग आदि से बचाव एवं टीकाकरण पर विस्तृत जानकारी दी ...