लखनऊ, अप्रैल 11 -- देश में खर्राटों की समस्या एक गंभीर स्वास्थ्य संकट बनती जा रही है, जिससे लगभग 10 करोड़ लोग ऑब्सट्रक्टिव स्लीप एपनिया का शिकार हैं। इनमें 40% पुरुष व 20% महिलाएं और 10% बच्चे हैं। ऐसे लोगों को नींद बहुत आती है। बाकी 30% व्यक्ति बिना खर्राटे के चैन की नींद सोते हैं। यह जानकारी केजीएमयू रेस्पिरेटरी मेडिसिन विभाग के अध्यक्ष डॉ. सूर्यकांत ने दी। वह शनिवार को केजीएमयू रेस्पिरेटरी मेडिसिन विभाग की ओर से आयोजित रेस्पिवॉक कॉन्फ्रेंस को संबोधित कर रहे थे। डॉ. सूर्यकांत ने खर्राटे की वजह से लोगों की नींद पूरी नहीं हो पाती है। वे दिन में बैठे-बैठे सो जाते हैं। कई लोग तो वाहन चलाते वक्त जाते है। जिसकी वजह से सड़क हादसे होते हैं। अधूरी नींह से दूसरी दिक्कतें जैसे डायबटीज, बीपी, हार्ट अटैक, स्ट्रोक आदि का खतरा भी रहता है। उन्होंने कहा...