नई दिल्ली, मार्च 9 -- आजादी के बाद से ही भारत अपने रक्षा क्षेत्र के लिए दूसरे देशों पर निर्भर रहा है। सीमा पर चीन और पाकिस्तान की चुनौती और बढ़ती अर्थव्यवस्था से भारत लगातार वैश्विक हथियार बाजार में एक बड़ा ग्राहक बना हुआ है। सोमवार को जारी 'स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट(सिपरी)' की रिपोर्ट के मुताबिक 2016-20 के मुकाबले 2021-2025 में भारत का रक्षा आयात 4 फीसदी तक घट गया है। हालांकि, इसके बाद भी भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा आयातक बना हुआ है, जो वैश्विक हथियार आयात का 8.2 फीसदी हिस्सा मंगवाता है। वहीं, रूस के साथ युद्ध में उलझा यूक्रेन दुनिया का सबसे बड़ा हथियार आयातक देश है, जो कि वैश्विक हथियार निर्यात का 9.7 फीसदी हिस्सा मंगवाता है। यह भी पढ़ें- ईरान के छोटे से शाहेद ड्रोन ने US की नाक में किया दम, दुबई से बहरीन तक तबाही सिप...