उन्नाव, फरवरी 22 -- उन्न्नाव। गायत्री मंदिर में परिवाजक पंडित चंद्रकिशोर द्विवेदी ने 4 बटुकों का सामूहिक यज्ञोपवीत कराया। कहा यज्ञोपवीत का भारतीय धर्म में सर्वोच्च स्थान है। इसे द्विजत्व का प्रतीक माना गया है। कहा कि शिखा सूत्र हम हिंदुओं की पहचान है। बटुकों में गुलशन अवस्थी, प्रभाकर पाण्डेय, सुधांशु पाण्डेय, आनंद शुक्ला रहे। व्यवस्थापक सिद्धनाथ श्रीवास्तव ने बताया कि गायत्री को गुरु मंत्र कहा जाता है। यज्ञोपवीत धारण करते समय वेदारंभ गायत्री मंत्र से कराया जाता है। इस दौरान दीनू शुक्ला, साधना सिंह, निरुपमा शुक्ला, जगदेव प्रसाद शर्मा, मालती मिश्रा, अजय शुक्ला, अशोक राय, चंद्र किशोर द्विवेदी, राम जी, कृष्णा,शैलेन्द्र, सुनीता त्रिपाठी आदि रहे।
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