37 दिन में 22 की मौत, 14 गंभीर
लखनऊ, मई 29 -- लखनऊ, प्रमुख संवाददाता। वर्टिकल व्यवस्था लागू किए जाने से पहले हटाए गए संविदा कर्मचारियों के कारण अन्य कर्मचारियों पर कार्य का भारी बोझ पड़ रहा है। उन्हें निर्धारित समय से अधिक काम करना पड़ रहा है। जिसके कारण उनकी कार्यक्षमता पर असर तो पड़ ही रहा है, अधिक काम के बोझ के कारण वह हादसे का भी शिकार हो रहे हैं। स्थिति यह है कि 37 दिन में 36 दुर्घटनाएं हो चुकी हैं, जिसमें 24 की मौत और 14 गंभीर रूप से घायल हो चुके हैं। बिजली कर्मचारी नेता देवेंद्र कुमार पाण्डेय ने बताया कि उत्तर प्रदेश पावर कार्पोरेशन प्रबंधन एवं अन्य वितरण निगमों ने अपने स्वयं के आदेश 15 मई 2017 एवं अन्य का उल्लंघन कर लगभग 25000 बिजली आउटसोर्स कर्मचारियों को कार्य से हटा दिया। जिसके कारण कर्मचारियों की भारी कमी होने से आउटसोर्स कर्मचारियों पर कार्य का अधिक भार पड...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.