बाराबंकी, जून 17 -- बाराबंकी, संवाददाता। बाढ़ अब सीजन आपदा नहीं, बल्कि स्थाई संकट का रूप लेती जा रही है। वर्ष 2009 से 2025 तक किए गए अध्ययन पर फ्लड फ्रीक्वेंसी एनालिसिस-2026 की रिपोर्ट तैयार की गई है। बाराबंकी सहित प्रदेश के 37 जिलों के 68 विकास खंडों के 439 गांव बार-बार बाढ़ की चपेट में आ रहे हैं। इनमें कई गांव ऐसे हैं, जहां 17 वर्षों के अध्ययन में 16 बार बाढ़ आई है। जिसमें बाराबंकी जिले में 14 बार बाढ़ आने से तीन तहसीलों की आबादी प्रभावित हो चुकी है। आयुक्त की रिपोर्ट में इस बार भी जिले के 37 गांव भी रेड जोन में हैं।

रिपोर्ट की विशेषताएँ राहत आयुक्त डा. हृषिकेश भास्कर की ओर से तैयार रिपोर्ट के अनुसार हाई रिस्क में शामिल बलरामपुर के 25 गांव सबसे अधिक प्रभावित पाए गए, जहां बाढ़ की घटनाएं 16 बार दर्ज की गईं। तुलसीपुर, हरैया सतघरवा और गैसड़ी ब्ल...