कुशीनगर, सितम्बर 30 -- कुशीनगर, मिथिलेश द्विवेदी। जवहीं दयाल के पास एपी तटबंध टूटने के करीब 36 घंटे बाद भी कटे हिस्से की मरम्मत नहीं हो सकी है। नदी की तेज धारा के कारण बचाव कार्य में डाली जा रही सीमेंट, बोल्डर और अन्य सामग्री से भरी बोरियां भी पानी के तेज बहाव में बह जा रही हैं। शुरुआत में करीब 20 मीटर कटा तटबंध अब बढ़कर 80 मीटर से अधिक हो गया है। लगातार कटान के चलते तटबंध का बड़ा हिस्सा खतरे की जद में बना हुआ है।एपी तटबंध टूटने के बाद कटान रोकने के लिए बोल्डर, जियोबैग और बोरियों के जरिए बचाव कार्य किया जा रहा है, लेकिन नदी की तेज धारा के सामने यह प्रयास फिलहाल कारगर नहीं हो पा रहा है। यह भी पढ़ें- कुशीनगर में नारायणी नदी का कहर, बांध टूटने से बाढ़ की चपेट में आए कई गांव, CM ने खुद लिया जायजा पानी के वेग के कारण कई बोरियां बह जा रही हैं। ...