पीलीभीत, अप्रैल 6 -- नए शिक्षण सत्र का आगाज हो चुका है। पढ़ाई लिखाई के लिए कागज स्कूली बैग से इतर जो चीजें शिक्षण क्षेत्र से जुड़ी हुई हैं। उन पर भी जंग की तपिश का असर हुआ है। आलम यह है कि तकनीक का ज्ञान देने का जरिया बनने वाले लैपटाप अब हर किसी की पहुंच में नहीं है। वहीं कागज महंगा होने से कॉपियों की मोटाइ कम हुइ और रिम महंगा हो गया है। इसका असर शिक्षण क्षेत्र की गतिविधियों पर पड़ा है। मेमोरी स्टोरेज डिवाइज के दाम इतने बढ़े हैं कि अब रि-फर्निश्ड लैपटाप पहली पसंद बनने लगे हैं। जो लैपटाप अब तक 35 हजार की कीमत में बच्चों या आम आदमी के हाथ में होते थे। इन पर दस हजार रुपये बढ़ गए है। अब एक सामान्य लैपटाप की कीमत 45 हजार हो गई है। यही नहीं एडवांस लैपटाप वाले सेट तो और महंगे हो गए हैं। कहा जा रहा है कि मेमोरी या रैम जितनी मजबूत होगी दाम उतना ही...