35 साल पुराना ये गाना, जिसके बिना आज भी अधूरी मानी जाती हैं बिहार की शादियां... पहचाना क्या?
नई दिल्ली, जुलाई 24 -- बिहार और पूर्वांचल में शादियों का सीजन हो और पारंपरिक गीतों की गूंज न सुनाई दे, ऐसा होना लगभग नामुमकिन है। आपने भले ही भोजपुरी के बोल्ड गाने सुने हों, लेकिन भोजपुरी के कई ऐसे भी गाने हैं जो भगवान राम पर लिखे गए हैं और काफी फेमस हैं। ये ऐसा गाना है जो पिछले साढ़े तीन दशकों से हर शादी-विवाह के आंगन में अपनी खास जगह बनाए हुए है। इसके बिना आज भी बिहार की शादियां अधूरी मानी जाती हैं। पहचाना?भोजपुरी का वो गाना जो हर शादी में बजता है हम बात कर रहे हैं बेहद लोकप्रिय पारंपरिक विवाह गीत 'सांवर सांवर सुरतिया तोहार दुल्हा' की। 1989 में आया ये लोकगीत आज भी हर शादी के घर में ढोलक की थाप पर सबसे पहले गाया और बजाया जाता है। यह भी पढ़ें- 63 साल पहले राष्ट्रपति के कहने पर लता ने गाया पहला भोजपुरी गाना, आपने सुना क्या?क्यों खास है भोज...
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