नई दिल्ली, मार्च 31 -- पाकिस्तान की डिप्लोमेसी यानी कूटनीति जब बुरी तरह फेल हो गई, तब उसका सहारा बन कर उभरा है एक नया हथियार। यह हथियार है 'क्रिप्टो डिप्लोमेसी'। बीते कुछ दिनों से इसकी मदद से पाकिस्तान अमेरिका का खास बना हुआ है। पाक पीएम शहबाज शरीफ और पाकिस्तानी सैन्य प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर अधिकारियों के ताबड़तोड़ पाकिस्तान दौरे के बाद अब पाकिस्तान, ईरान और अमेरिका के बीच मध्यस्थता की कोशिश भी कर रहा है। ऐसे में सवाल यह हैं कि आखिर पाकिस्तान की तकदीर अचानक कैसे बदल गई। इसकी पीछे है एक 35 साल का एक शख्स। यह शख्स हैं, बिलाल बिन साकिब। बिलाल पिछले एक साल में अमेरिका और पाकिस्तान के रिश्तों को बदलने में बड़ी भूमिका रहे हैं। पाकिस्तान ने हाल के दिनों में 'क्रिप्टो डिप्लोमेसी' और 'बिप्लोमेसी' के जरिए अमेरिका से अपने रिश्ते मजबूत किए हैं...
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