रांची, जून 22 -- रांची, विशेष संवाददाता। झारखंड हाईकोर्ट ने तलाक से जुड़े एक महत्वपूर्ण मामले में फैमिली कोर्ट के फैसले को सही ठहराते हुए पति-पत्नी के विवाह विच्छेद की डिक्री बरकरार रखी है। साथ ही अदालत ने पत्नी को बड़ी राहत देते हुए पति को 40 लाख रुपये एकमुश्त स्थायी भरण-पोषण देने का निर्देश दिया है। हाईकोर्ट ने आदेश दिया कि 40 लाख रुपये की राशि 12 माह के भीतर चार समान किश्तों में अदा की जाए। पहली किश्त एक माह के भीतर देनी होगी। यदि निर्धारित समय-सीमा में भुगतान नहीं किया जाता है, तो पत्नी को कानून के अनुसार संबंधित न्यायालय में उचित कार्रवाई करने की स्वतंत्रता होगी। अदालत ने अपने फैसले में कहा कि पति-पत्नी वर्ष 1990 से अलग रह रहे हैं और उनके बीच 35 से अधिक वर्षों से वैवाहिक संबंध व्यवहारिक रूप से समाप्त हो चुके हैं। इतने लंबे अंतराल के ...