नई दिल्ली, मार्च 17 -- 31 मार्च तक कई वित्तीय काम निपटाने जरूरी हैं। इस डेडलाइन को चूकने पर बड़े आर्थिक झटके का सामना करना पड़ सकता है। इसके अलावा पीपीएफ, निवेश के प्रूफ जमा कराने, संशोधित इनकम टैक्स रिटर्न दाखिल करने जैसे महत्वपूर्ण कार्य निपटाना भी जरूरी है।1. टैक्स की बचत के लिए निवेश करने का मौका वर्तमान में दो प्रकार की टैक्स रिजीम काम कर रही हैं-पुरानी और नई इनकम टैक्स व्यवस्था। अगर टैक्सपेयर या संयुक्त हिन्दु परिवार यानी एचयूएफ पुरानी इनकम टैक्स व्यवस्था चुनता है तो वह इनकम टैक्स अधिनियम के तहत अलग-अलग धाराओं जैसे 80सी, 80डी, 80टीटीबी, 80ई, 80जी आदि के अंतर्गत विभिन्न कटौतियों का फायदा लेकर अपनी टैक्स देनदारी घटा सकता है। पुरानी इनकम टैक्स व्यवस्था चुनने वालों के लिए वित्त वर्ष 2025-26 के लिए 31 मार्च से पहले कर से जुड़ी बचत और निव...