कानपुर, सितम्बर 5 -- कानपुर, प्रमुख संवाददाता। आयकर रिटर्न 31 अगस्त तक दाखिल नहीं करने वालों के लिए अभी भी मौका है। उन्हें लगता है कि अब आयकर रिटर्न दाखिल नहीं कर सकते हैं। हकीकत यह है कि डेडलाइन खत्म होने का मतलब आईटीआर फाइलिंग बंद होना नहीं है। अब भी 31 दिसंबर तक बिलेटेड रिटर्न दाखिल कर सकते हैं। हालांकि इसके लिए उन्हें विलंब शुल्क और परिस्थितियों के अनुसार ब्याज भी देना पड़ सकता है। सेंट्रल इंडिया रीजनल काउंसिल ऑफ आईसीएआई के पूर्व सभापति सीए दीप मिश्रा ने बताया कि कर निर्धारण वर्ष 2026-27 की बिलेटेड रिटर्न के लिए 31 दिसंबर 2026 अंतिम तारीख है। कुल आय पांच लाख रुपये तक होने पर एक हजार और पांच लाख रुपये से अधिक आय पर पांच हजार रुपये विलंब शुल्क देना होगा। इसलिए रिटर्न को आगे टालना आर्थिक रूप से नुकसानदायक हो सकता है。

गलती सुधारने का अभी...