लखनऊ, मार्च 26 -- प्रदेश में ग्रामीण महिलाओं ने दुग्ध उत्पादन एवं संग्रहण के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल करते हुए आत्मनिर्भरता की नई मिसाल स्थापित की है। राज्य के 31 जनपदों में सक्रिय महिला समूहों द्वारा प्रतिदिन लगभग 10 लाख लीटर दूध का संग्रहण किया जा रहा है, जिससे अब तक लगभग Rs.5000 करोड़ का कारोबार सृजित हुआ है। इस पहल से ग्रामीण महिलाओं की आय में वृद्धि हुई है।मिशन निदेशक, राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन दीपा रंजन के मुताबिक बलिनी मिल्क प्रोड्यूसर कम्पनी (बुंदेलखंड क्षेत्र) में महिलाओं द्वारा प्रतिदिन लगभग 2.5 लाख लीटर संग्रहण किया जा रहा है और लगभग 2300 करोड़ का कारोबार किया जा चुका है। काशी एमपीसीएल (पूर्वांचल क्षेत्र) द्वारा प्रतिदिन लगभग 2 लाख लीटर संग्रहण किया जा रहा है और लगभग 750 करोड़ का कारोबार किया गया है।सामर्थ्य एमपीसीए...
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