विशेष संवाददाता, जून 15 -- यूपी में बिजली को 30 प्रतिशत तक महंगा करने के प्रस्ताव के खिलाफ जिस तरह की आपत्तियां नियामक आयोग में आनी शुरू हुई हैं, उसे देखकर कॉरपोरेशन की राह आसान नहीं दिख रही है। उपभोक्ताओं ने साफ कर दिया है कि वे बिजली के मामले में महंगाई के इतने बड़े झटके लिए फिलहाल तैयार नहीं हैं। बिजली की नई दरें तय करने के लिए नियामक आयोग ने सुनवाई की तारीखें तय कर दी हैं। सात जुलाई से बिजली कंपनियों के दावों पर सुनवाई होगी। पावर कॉरपोरेशन ने बिजली कंपनियों की आय और बिजली आपूर्ति करने में आ रहे खर्च के बीच 19,600 करोड़ रुपये से ज्यादा का अंतर दिखाया है। कॉरपोरेशन ने कहा कि इस अंतर की भरपाई के लिए मौजूदा बिजली दरों में 30 प्रतिशत का इजाफा करना होगा। हालांकि, कॉरपोरेशन के प्रस्ताव के बाद ही उपभोक्ता परिषद ने उसके विरोध में नियामक आयोग म...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.