305 तारीख, 17 गवाहों के बयान, 4970 दिन बाद मिला न्याय
बिजनौर, जुलाई 29 -- वर्ष 2012 के बहुचर्चित प्रबल अग्रवाल हत्याकांड में फैसला आने से पहले मुकदमे ने लंबा न्यायिक सफर तय किया। करीब 13 वर्ष सात माह तक चली सुनवाई के दौरान अदालत में 305 तारीखें पड़ीं। 17 गवाहों ने अदालत में सच्चाई बयां की। इस दौरान अभियोजन और बचाव पक्ष की ओर से लंबी बहस हुई। जिसके बाद अपर जिला एवं सत्र न्यायालय एवं एफटीसी कोर्ट ने सात आरोपियों को दोषी करार दिया। पिछले कई दिनों से अदालत के फैसले पर लोगों की निगाहें टिकी हुई थी। यह भी पढ़ें- बहुचर्चित प्रबल हत्याकांड: महिला आयोग सदस्य के पति-पुत्र समेत सात आरोपी दोषी करार मुकदमे की पैरवी इस मुकदमे में शासन की ओर से सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता (एडीजीसी) अजीत पंवार तथा एडीजीसी प्रमोद कुमार शर्मा ने प्रभावी पैरवी की। दोनों पक्षों की लंबी दलीलों और साक्ष्यों के परीक्षण के बाद अदालत ...
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