शाहजहांपुर, मार्च 2 -- होली पर शाहजहांपुर में निकलने वाला लाट साहब का जुलूस एक अनोखा आयोजन है, जिसमें लाट साहब पर रंग के साथ-साथ जूते-चप्पल भी बरसते हैं। करीब 300 वर्ष पुराना यह जुलूस आज भी उसी उत्साह और उल्लास के साथ निकलता है। भारी भीड़ के चलते जुलूस में हुल्हड़बाजी व मार-कुटाई की संभावना बनी रहती है। इससे निपटने को पुलिस को हर बार नई रणनीति बनानी पड़ती है। दिलचस्प बात यह है कि यह जुलूस प्रशासनिक सेवा की ट्रेनिंग के दौरान केस स्टडी के रूप में पढ़ाया जाता है। अवध क्षेत्र के प्रभाववश यहां के स्थानीय नवाब होली में खुल कर प्रतिभाग करते थे। एसएस कॉलेज के इतिहास के विभागाध्यक्ष डॉ. विकास खुराना ने बताया कि शाहजहांपुर के स्थानीय इतिहास पर लिखी गई किताबें यह बताती हैं कि नवाब होली के अवसर पर न केवल खुलकर रंग खेलते थे बल्कि जुलूस के रूप में नगर भ...
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