लखनऊ, जुलाई 24 -- लखनऊ, प्रमुख संवाददाता यूपी में 30 हजार शिक्षामित्रों को मूल विद्यालय वापसी का इंतजार है। पिछले डेढ़ वर्ष पूर्व शासनादेश होने के बावजूद अभी तक इन्हें राहत नहीं मिली है। सिर्फ लखनऊ व बाराबंकी के शिक्षामित्रों को ही उनके मूल विद्यालय भेजा गया है। बाकी पूरे प्रदेश में शिक्षामित्रों के हाथ अभी तक मायूसी ही लगी है।

शिक्षाकर्मियों की स्थिति परिषदीय प्राथमिक स्कूलों में पढ़ा रहे शिक्षामित्रों को जब शिक्षक पद पर समायोजित किया गया तो उन्हें जिले में मूल विद्यालय से हटाकर दूसरे विद्यालयों में तैनाती दे दी गई। फिर वर्ष 2017 में उनका शिक्षक पद पर हुआ समायोजन निरस्त कर दिया गया। ऐसे में वह वापस शिक्षामित्र के पद पर लौट गए लेकिन जो जिस विद्यालय में उस समय तैनात था वहीं वह शिक्षामित्र के रूप में सेवाएं देने लगा। वर्ष 2018 में कुछ शिक्...