उन्नाव, फरवरी 17 -- उन्नाव। स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह पटरी से उतर चुकी हैं। आलम यह है कि डॉक्टरों की भारी कमी के चलते सरकारी अस्पतालों की इमारतें तो खड़ी हैं, लेकिन इलाज के नाम पर मरीजों को केवल निराशा मिल रही है। जिले में डॉक्टरों के स्वीकृत 189 पदों के सापेक्ष वर्तमान में केवल 132 चिकित्सक ही तैनात हैं। इसका सीधा खामियाजा जिले की करीब 40 लाख की आबादी को भुगतना पड़ रहा है, जो इलाज के लिए दर-दर भटकने को मजबूर है। मानकों की उड़ी धज्जियां: डब्ल्यूएचओ के नियम ताक पर विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के मानकों के अनुसार, प्रति 5 हजार की आबादी पर एक डॉक्टर होना चाहिए। इसके विपरीत, उन्नाव में स्थिति भयावह है। यहां 30,303 लोगों की जिम्मेदारी महज एक डॉक्टर के कंधों पर है। यह स्थिति दर्शाती है कि जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था किस कदर चरमरा गई है। जि...
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