30 साल में 7वीं बार लिपुलेख और कालापानी पर संग्राम, नेपाल के बयान से फिर तल्खी; क्या कहते हैं एक्सपर्ट
हल्द्वानी, जून 23 -- भारत और नेपाल के बीच लिपुलेख-कालापानी सीमा विवाद एक बार फिर गर्मा गया है। पिछले तीन दशकों में यह सातवां मौका है जब इस मुद्दे पर दोनों देशों के बीच राजनयिक असहजता पैदा हुई है। नेपाल के प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह के हालिया बयान से पड़ोसी देशों के रोटी-बेटी के रिश्तों में एक बार फिर खटास पैदा होने की स्थिति बन गई है। बालेंद्र शाह ने हाल में लिपुलेख और कालापानी पर दावा किया और कहा कि हमारे पास इसके सबूत हैं। पीएम बालेंद्र शाह के रविवार को काठमांडू में लिपुलेख-कालापानी को लेकर दिए बयान के बाद फिर बहस छिड़ गई है। लेकिन यह विवाद कोई पहला नहीं है। बल्कि 1998 में बड़े स्तर पर कालापानी को लेकर मामला गहराया था। तब नेपाल ने कालापानी से भारतीय सैनिकों को हटाने की मांग की थी। यह भी पढ़ें- नेपाल के कसीनो में हवाला से आ रहा भारतीय रुपया,...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.