नई दिल्ली, फरवरी 10 -- शनिदेव सभी के जीवन में कर्मों का हिसाब करते हैं। शनि सिखाते हैं कि हमें अपनी गलतियों से सीखना चाहिए। शनि आपको देखते, उसमें सुधार करवाते हैं और आगे बढ़ाते हैं। आपको बता दें कि शनि अभी मीन राशि में गोचर कर रहे हैं। शनि का यह गोचर अभी गुरु की राशि में हैं। लेकिन ढ़ाई साल होने पर यानी साल 2027 में शनि मेष राशि में जाएंगे। यह शनि की नीच राशि है। आपको बता दें कि शनि की उच्च की राशि तुला है, इस राशि में जब शनि होते हैं, तो शनि पहले से और भी अधिक मजबूत हो जाते हैं। लेकिन शनि की नीच की राशि मेष राशि है। शनि जब मेष में होते हैं, तो कमजोर हो जाते हैं। इसलिए 30 साल बाद शनि का बड़ा गोचर होने वाला है, जब शनि मेष राशि में जाएंगे। इस राशि में शनिदेव के आने से कई राशियों के लिए लाभ के लिए, कुछ के लिए मिलेजुले और कुछ के लिए नेगेटिव स...