इंदौर, जनवरी 4 -- इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में 30 साल पुरानी पानी की पाइपलाइन में कई दरारें थीं। इस वजह से उसमें सेवीजे का गंदा पानी मिल रहा था। इससे लगभग 50000 लोगों को पानी सप्लाई किया जाता था। पानी के नमूने की जांच में कई बैक्टीरिया और वायरस के मौजूद होने की पुष्टि हुई है। इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में पानी के परीक्षणों से पुष्टि हुई है कि इलाके के नल का पानी कई हानिकारक बैक्टीरिया से बुरी तरह दूषित था। अधिकारियों ने बताया कि पानी के नमूनों में ई. कोलाई, साल्मोनेला, विब्रियो कोलेरी के साथ-साथ वायरस, फंगस और प्रोटोजोआ की मौजूदगी पाई गई। इनके कारण संक्रमण हुआ, जिससे प्रभावित लोगों में कई अंगों ने काम करना बंद कर दिया और सेप्सिस हो गया।15 लोगों की मौत का दावा लोगों का दावा है कि पिछले कुछ दिनों में भागीरथपुरा में दूषित पेयजल के कारण उल्ट...
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